मोहम्मद नवाज़: गलियों से इंटरनेशनल मैदान तक
कभी-कभी क्रिकेट सिर्फ़ एक खेल नहीं रहता, बल्कि उम्मीद बन जाता है। मोहम्मद नवाज़ की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। जब रावलपिंडी की गलियों में एक पतला-सा लड़का बाएँ हाथ से गेंद घुमाया करता था, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यही लड़का एक दिन पाकिस्तान की जीत का हीरो बनेगा। नवाज़ का सफ़र आसान नहीं रहा, लेकिन उनकी मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास ने उन्हें एक भरोसेमंद ऑल-राउंडर बना दिया।
शुरुआती ज़िंदगी और पारिवारिक पृष्ठभूमि
मोहम्मद नवाज़ का जन्म 21 मार्च 1994 को रावलपिंडी, पंजाब में हुआ। उनका ताल्लुक़ एक पश्तून परिवार से है, जिसकी जड़ें ख़ैबर पख़्तूनख़्वा के नोशेरा ज़िले के अकबरपुरा गाँव से जुड़ी हैं। घर का माहौल सादा था, लेकिन सोच बड़ी। नवाज़ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई रावलपिंडी के एफ.जी. बॉयज़ स्कूल से की। पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट उनका सबसे बड़ा जुनून बन गया।
भाषाओं पर उनकी अच्छी पकड़ है। वह अंग्रेज़ी, उर्दू, पश्तो और पंजाबी आराम से बोल लेते हैं, जो उन्हें टीम के भीतर और बाहर सबके क़रीब ले जाती है। साल 2018 में उन्होंने इज़दिहार से शादी की, जो साउथ अफ़्रीका की डायग्नोस्टिक रेडियोग्राफ़र हैं। उनका निजी जीवन काफ़ी संतुलित और शांत माना जाता है।
घरेलू क्रिकेट में पहचान बनाना
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुँचने से पहले नवाज़ ने घरेलू क्रिकेट में कड़ा संघर्ष किया। उन्होंने रावलपिंडी, नेशनल बैंक ऑफ़ पाकिस्तान, बलूचिस्तान, फ़ेडरल एरियाज़ और नॉर्दर्न जैसी टीमों के लिए खेला। हर टीम में उन्होंने खुद को एक ज़िम्मेदार खिलाड़ी के रूप में साबित किया।
2018 का पाकिस्तान कप उनके करियर का अहम मोड़ साबित हुआ, जब उन्हें बलूचिस्तान टीम का उप-कप्तान बनाया गया। इस टूर्नामेंट में वह टीम के सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बने। यहीं से चयनकर्ताओं की नज़र उन पर टिक गई। बाद में नॉर्दर्न टीम की कप्तानी मिलना इस बात का सबूत था कि नवाज़ सिर्फ़ खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि एक लीडर भी हैं।
पाकिस्तान सुपर लीग और टी20 फ्रेंचाइज़ी करियर
मोहम्मद नवाज़ का नाम पाकिस्तान सुपर लीग से गहराई से जुड़ा है। 2016 में क्वेटा ग्लैडिएटर्स के साथ उन्होंने PSL में कदम रखा और पहले ही मैच में इस्लामाबाद यूनाइटेड के ख़िलाफ़ 4 विकेट लेकर सबको चौंका दिया। उसी मैच में उन्हें प्लेयर ऑफ़ द मैच भी मिला।
2016 का PSL उनके लिए शानदार रहा। उन्होंने 13 विकेट लिए और क्वेटा की मज़बूत जीतों में अहम भूमिका निभाई। 2017 में भी वह टीम का हिस्सा रहे और फ़ाइनल तक का सफ़र तय किया। बाद में 2023 में क्वेटा से रिलीज़ होने के बाद कराची किंग्स ने उन्हें वाइल्ड-कार्ड के तौर पर चुना, जिसने उनके करियर को नई दिशा दी।
PSL के अलावा नवाज़ ने अफ़ग़ानिस्तान प्रीमियर लीग, ग्लोबल टी20 कनाडा, म्ज़ांसी सुपर लीग और बांग्लादेश प्रीमियर लीग में भी खेलकर अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल किया।
अंतरराष्ट्रीय करियर की कठिन शुरुआत
मोहम्मद नवाज़ ने 29 फ़रवरी 2016 को एशिया कप में यूएई के ख़िलाफ़ टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया। यह मैच उनके लिए काफ़ी मुश्किल रहा। कप्तान शाहिद अफ़रीदी ने उनसे अहम ओवरों में गेंदबाज़ी करवाई और वह दबाव में आ गए। उस मैच के बाद आलोचना भी हुई, लेकिन कोच वकार यूनिस ने खुलकर नवाज़ का समर्थन किया और कहा कि नए खिलाड़ी पर इतना दबाव डालना ठीक नहीं था।
यही वह पल था जिसने नवाज़ को मज़बूत बनाया। उन्होंने हार नहीं मानी और खुद पर भरोसा बनाए रखा।
वनडे और टेस्ट क्रिकेट में मज़बूती
18 अगस्त 2016 को आयरलैंड के ख़िलाफ़ वनडे डेब्यू करते हुए नवाज़ ने अर्धशतक जड़ा और यह दिखा दिया कि वह सिर्फ़ गेंद से नहीं, बल्ले से भी मैच जिता सकते हैं। इसके बाद उन्होंने 13 अक्टूबर 2016 को वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ टेस्ट क्रिकेट में कदम रखा।
हालाँकि टेस्ट क्रिकेट में उनके आँकड़े साधारण रहे, लेकिन 2022 में श्रीलंका के ख़िलाफ़ लिया गया उनका पहला पाँच विकेट हॉल यादगार बन गया। इस प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि वह लंबे फ़ॉर्मेट में भी असरदार हो सकते हैं।
बड़े मैचों का खिलाड़ी
मोहम्मद नवाज़ को बड़े मौकों पर शांत रहना आता है। 2022 एशिया कप में भारत के ख़िलाफ़ रिकॉर्ड रन-चेज़ के दौरान उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से कमाल किया और प्लेयर ऑफ़ द मैच बने। यह मैच आज भी पाकिस्तानी फ़ैंस के दिलों में ताज़ा है।
2025 में अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ टी20 ट्राई-सीरीज़ में उन्होंने पहली बार टी20 इंटरनेशनल में पाँच विकेट लिए, जिसमें हैट-ट्रिक भी शामिल थी। उस मैच में अफ़ग़ानिस्तान की टीम सिर्फ़ 66 रन पर सिमट गई। नवाज़ को प्लेयर ऑफ़ द मैच और प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़ दोनों का ख़िताब मिला।
ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक प्रदर्शन
फ़रवरी 2026 में लाहौर में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ तीसरे टी20 मैच में नवाज़ ने ऐसा प्रदर्शन किया जो इतिहास में दर्ज हो गया। पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को 111 रनों से हराकर 3-0 से सीरीज़ क्लीन स्वीप की। यह ऑस्ट्रेलिया की अब तक की सबसे बड़ी टी20 हार थी।
नवाज़ ने 5 रन देकर 18 के आँकड़े के साथ करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ी की और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ी की कमर तोड़ दी। इस मैच के बाद उनका नाम दुनिया के बेहतरीन स्पिन ऑल-राउंडर्स में गिना जाने लगा।
मोहम्मद नवाज़ क्यों हैं ख़ास
मोहम्मद नवाज़ की सबसे बड़ी ख़ासियत है उनका सादापन और टीम के लिए खेलने का जज़्बा। वह स्टार बनने से ज़्यादा ज़िम्मेदार खिलाड़ी बनना पसंद करते हैं। चाहे मुश्किल ओवर डालने हों या दबाव में रन बनाने हों, नवाज़ हर चुनौती को मुस्कान के साथ स्वीकार करते हैं।
निष्कर्ष
मोहम्मद नवाज़ की कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो सीमित साधनों के बावजूद बड़े सपने देखता है। रावलपिंडी की गलियों से लेकर इंटरनेशनल स्टेडियम तक का उनका सफ़र बताता है कि मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास से कुछ भी मुमकिन है। नवाज़ सिर्फ़ पाकिस्तान के लिए मैच नहीं जीतते, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए उम्मीद भी बनते हैं।




